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2. अधिकारियों और कर्मचारियों के कर्तव्य और अधिकार

राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई में पदस्थितियां - बिहार ग्रामीण जीविका प्रोत्साहन सोसाइटी

क्रम सं

पद नाम

प्रमुख परिणाम के क्षेत्र

अर्हता के मापदंड

1

मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ)

मुख्य कार्यकारी अधिकारी पूरी परियोजना के क्रियान्वन तथा उसमें प्रभावी क्रियान ्वयन हेतु मार्गदर्शन/ निर्देश देने के लिए जवाबदेह होगा।

भारतीय प्रशासनिक सेवा का अदिकारी

2

ऊपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ)

 

भारतीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी

3

मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ)

मुख्य कार्यकारी अधिकारी निम्नलिखित मुख्य कार्यों के लिए जवाबदेह होंगेः परियोजना निधि का प्रत्यायी अभिशासन (फिऊशियरी गवर्नेंस) परियोजना के अंदर उपयुक्त वित्तीय प्रबंधन प्रणाली तथा कार्य प्रक्रिया सुनिशिचत करना; वैधानिक जरूरतें पूरी करना तहा सोसाइटी के आय कर संबंधी मामले संभालना; वह परियोजना की वित्तीय इकाई का प्रधान होगा/ गी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी को रिपोर्ट करेगा/गी।

चाटर्ड एकाउंटेंट बड़े विकास संगठन में वित्तीय प्रबंधन का न्यूनतम 10 वर्षों का अनुभव। इसे नड़े विकास संगठन के वैधानिक तथा वित्तीय अनुपालनों बहुत अच्छा ज्ञान होना चाहिए। बिहार वित्त सेवा से प्रतिनियुक्ति पर आने वाला नुऊनतम 10 वर्षों के अनुभ्व वाला प्रत्याशी।

4

मुख्य कार्यकारी अधिकारी के विशिष्ट कार्याधिकारी (ओएसडी टू सीईओ)

परियोजना हस्तक्षेपों के योजना निर्माण, क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण तथा सरकार और बाहरी अभिकारणों के साथ संपर्क स्थापित करने में मुख्य कार्यकारी अधिकारी की सहायता करना।

योजना निर्माण और उनके कंप्यूटरीकरण में न्यूनतम 10 वर्षो के अनुभव वाला बिहार सरकार का अधिकारी।

5

प्रशासनिक अधिकारी (एओ)

वह निम्नलिखित के लिए ज्बाबदेह होगा/ गीः परियोजना कार्यालयों में उपयुक्त परियोजना कार्य सुनिश्चित करना; परियोजना और सोसाइटी की तमाम वैधानिक जरूरतेम् पूरी करना तथा सोसाइटी की तमाम कार्यकारी बैठकों/ वार्षिक आम सभा का समन्वय। वह प्रशासनिक इकाई का प्रधान होगा/ गी और मुख्य कार्यकारी अदिकारी को रिपोर्ट करेगा/गी।

बिहार प्रशासनिक सेवा का अधिकारी न्यूनतम 8 वर्षो का अनुभव

6

राज्य परियोजना प्रबंधक - मानव संसाधन विकास (एसपीएम- एच आर डी)

उस पर मानव संसाधन विकास संबंधी विभिन्न नीतिगत रूपरेखाओं (पॉलिसी प्रेफ्रेमवर्क) और उनके अनुसार क्रियान्वयन दिशानिर्देश के रूपांकन की जवाबदेही होगी। वह परियोजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के घनिष्ठ सहयोग मे काम करेगा/ गी और पूरी परियोजना अवधि मे परियोजना क्रियान्वयन दिशानिर्देश के उन्नयन का प्रयास करेगा/ गी। उसकी तिहरी जवाबदेही होगी जिसमें शामिल हैं मानव संसाधन संबंधी कार्य, जिला स्तर पर परियोजना प्रबंधन तथा परियोजना के एक या एकाधिक जीविका हस्तक्षेप का नेतृत्व सेवा प्रदाताओं के साथ सार्वजनिक और निजी दोनों स्तरों पा साजेदारी प्रबंधन, परियोजना के हिस्सेदारों हथा बाहरी संसाढन अभिकरणों के साथ संबंधों का समन्वय, परियोजना आधारित अध्ययनों मूलांकन तहा शोध कार्यभार का समन्वय कार्भार की सार्वधिक रिपोर्टिंग, समीक्षा हथा पर्यवेक्षेन। वह परियोजना के परियोजना प्रबंधक के मार्गदर्शन में काम करेगा/गी।

किसी मान्यता-प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान से प्रबंधन/ मानव संसाधन विकास/ विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री/डिप्लोमा। संगठन विकास तथा मानव संसाधन विकास संबंधी मुद्दों और परियोजना प्रबंधन पर विशेषज्ञता के साथ विकास के क्षेत्र में न्यूनतम 7 वर्षों का अनुभव ग्रामीण विकास में लगे किसी बड़े विकास अभिकरण में दलों के पोषण से संबंधित कौशल एवं अनुभव।

7

राज्य परियोजना प्रबंधक - क्षमता निर्माण (एसपीएम-सीबी)

वह संस्था निर्माण हेतु नीतिगत दिशानिर्देश निर्माण और उन्हें परियोजना में समाविष्ट करने के लिए जवाबदेह होगा/ गी। इसके अलावा वह संस्था निर्माण प्रक्रिया को जड़ जमाने के लिए क्रियान्वयन दिशानिर्देश तथा परियोजना में सक्षम वातावरण का भी निर्माण करेगा। बाहरी अभिकणों के साथ सहयोग, सेवा प्रदाता संस्थाओं के साथ साझेदारी का प्रबंधन, सम्बंधी जरूरतों पर काम करना तथा परियोजना के अंदर प्रासंगिक शोधों, समीक्षाओं तथा मूल्यांकन का नितृत्व करना उसकी जवाबदेही अन्य प्रमुख क्षेत्र होंगे। वह परियोजना के परियोजना प्रबंधक के मार्गदरशन में काम करेगा/गी।

किसी मान्यता-प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान से प्रबंधन/ मानव संसाधन विकास/ विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री/डिप्लोमा। उसे वृहह सामाजिक विकास/ संस्था निर्माण परियोजना या कार्यक्रम मे न्यूनतम 7 वर्षों का कार्यानुभव होना चाहिए। उसमें समुदाय और क्षेत्रकर्मियों दोनो के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम के योजना निर्माण के साथ-साथ रूपांकन की भी दक्षता होनी चाहिए। उसे एमेस ऑफिस के वातावरण में काम का भी अति उत्तम अनुभव होना चाहिए।

8

राज्य परियोजना प्रबंधक - सूक्ष्मवित्त (एसपीएम-एमएफ)

उस पर सूक्ष्मवित्त संबंधी विविध नीतिगत रूपरेखाओं के निर्माण तथा उसके अनुसार क्रियान्वयन दिशानिर्देश के रूपांकन की जवाबदेही होगी। वह परियोजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के घनिष्ठ सहयोग में काम करेगा/ गी और पूरी परियोजना क्रियान्वयन दिशानिर्देश के उन्नयन का प्रयास करेगा/ गी। उनकी तिहरी ज्वाबदेही होगी जिसमें शामिल हैः सूल्ष्मवित्त विशेषज्ञ के रूप में कार्य, जिला स्तर पर परियोजना प्रबंधन तथा परियोजना के एक या एकाधिक जीविका हस्तक्षेप का नेतृत्व सेवा प्रदातओं के साथ सार्वजनिक और निजी, दोनों स्तरों पर साझेदारी प्रबंधन, परियोजना के हिस्सेदारों तथा बाहरी संसाधन अभिकरणों के साथ संबंदों का समन्वय. । परियोजना आधारित अध्ययनों मूल्यांकन तथा शोष कार्यभार का समन्वय। वह परियोजना के परियोजना प्रबंधक के मार्गदर्शन में काम करेगा/ गी।

किसी मान्यता-प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान से प्रबंधन/ मानव संसाधन विकास/ विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री/डिप्लोमा। उसे सूक्ष्मवित्त तथा जीविका परियोजनाएं/ कार्यक्रम सम्भालने तथा समुदाय आधारित ऋणदाता संस्थाओं और उनके संघों के प्रबंधन की विशेषज्ञता के विकास के क्षेत्र में न्यूनतम 7 वर्षों का कर्यानुभव होना चाहिए।

9

राज्य परियोजना प्रबंधक - अनुश्रवण एवं मूल्यांकन (एसपीएम-एम एंड ई)

राज्य परियोजना प्रबंधक विविध नीतिगत रूपरेखाओं का रूपांकन करने और उनकों परियोजनाओं मे समाविष्ट करने के लिए जवाबदेह होंगे। इसके अलावा वे नीतिगत रूपरेखाओं के अनुसार क्रियान्वयन दिशानिर्देश का रूपंकन भी करेंगे/ गी। वे परियोजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के घनिष्ठ सहयोग में काम करेंगें/ गी और पूरी परियोजना अवधि मे परियोजना क्रियान्वयन दिशानिर्देश के उन्नयन का प्रयास करेंगे/ गी। रणनीतिक रूप से उनकी तिहरी जवाबदेही होगी जिसमें शामिल हैः विशेषज्ञ के रूप में कार्य, जिला शर पर परियोजना प्रबंधन तथा परियोजना के एक या एकाधिक जीविका हस्तक्षेप का नेतृत्व, सेवा प्रदाताओं के साथ सार्वजनिक और निजी, दोनों स्तरों पर साझेदारी प्रबंधन, परियोजना के हिस्सेदारों तथा बाहरी संसाधन अभिकरणों के साथ संबंधों का समन्वय, परियोजना आधारित अध्ययनों, मूल्यांकन तथा शोध कार्यभार समन्वय कार्यभार की सार्वधिक रिपोर्टिंग, समीक्षा तथा पर्यवेक्षण।

किसी मान्यता-प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान से प्रबंधन/ मानव संसाधन विकास/ विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री/डिप्लोमा। उन्हें जीविका प्रवर्धन परियोजनाओं में विशेषज्ञता, मूल्य श्रृंखलाओं के विश्लेषण सक्षम कार्ययोजना की संकल्पना तथा उनको क्रियान्वित करने का जबर्दस्त कौशल और सेवा प्रदाता संगठनों के साथ साझेदारी करने की क्षमता के साथ विकास के क्षेत्र में न्यूनतम 7 वर्षों का कर्यानुभव होना चाहिए।

10

राज्य परियोजना प्रबंधक - अनुश्रवण एवं मूल्यांकन (एसपीएम-एम एंड ई)

राज्य परियोजना प्रबंधक विभिन्न नीतिगत रूपरेखाओं के निर्माण और उनको कार्यक्रम मे शामिल करने के लिए जवाबदेह होंगे। इसके अलावा वे नीतिगत रूपरेखा के अनुरूप क्रियान्वयन दिशानिर्देश भी तैयार करेंगे। वे परियोजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के घनिष्ठ सहयोग में काम करेंगे और पूरी परियोजना अवधि में परियोजना क्रियान्वयन दिशानिर्देश में सुदार का रयास करेंगे। रणनीतिक रूप से उनकी तिहरी जवाबदेही होगी जिसमें शामिल हैः विशेषज्ञ के रूप मे कार्य, जिला स्तर पर परियोजना प्रबंधन तथा परियोजना के एक या एकाधिक जीविका हस्तक्षेप का नेतृत्व, सेवा प्रदाताओं के साथ सार्वजनिक और निजी दोनों स्तरों पर साझेदारी प्रबंधन, परियोजना के हिस्सेदारों तथा बाहरी संसाधन अभिकरणों के साथ सम्बंधों का समन्वय, परियोजना आधारित अध्ययनों, मूल्यांकन तथा शोध कार्भार का समन्वय, कार्यभार की सार्वधिक रिपोर्टिंग, समीक्षा त पर्यवेक्षेण। वह परियोजना के परियोजना प्रबंधक के मार्गदर्शन में काम करेगा/ गी।

किसी मान्यता-प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान से प्रबंधन/ मानव संसाधन विकास/ विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री/डिप्लोमा। उन्हें परियोजना अनुश्रवण एवं मूल्यांकन में विशेषज्ञता, तथा अनुश्रवन मूल्यांकन एवं अधिगम (लर्निग) की प्रनाली रूपांकित (डिजाइन) करने की जबर्दस्त क्षमता के साथ विकास के क्षेत्र में न्यूनतम 7 वर्षों का कर्यानुभव होना चाहिए।

11

राज्य परियोजना प्रबंधक - संवाद (एसपीएम - कम्युनिकेशन)

राज्य परियोजना प्रबंधक विभिन्न नीतिगत रूपरेखाओं के निर्माण और उनको कार्यक्रम मे शामिल करने के लिए जवाबदेह होंगे। इसके अलावा वे नीतिगत रूपरेखा के अनुरूप क्रियान्वयन दिशानिर्देश भी तैरा करेंगे। वे परियोजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के घनिष्ठ सहयोग में परियोजना दिशानिर्देश में सुधार का प्रयासा करेंगे। और पूरी परियोजना अवधि में परियोजना क्रियान्वयन दिशानिर्देश में सुधार का प्रास करेंगे। रणनीतिक रूप से उनकी तिहरी जवाबदेही होगी जिसमे शामिल हैः विशेषज्ञ के रूप में कार्य, जिला स्तर पर परियोजना प्रबंधन तथा प्ररियोजना के एक या एकाधिक जीविका हस्तक्षेप के नेतृत्व सेवा प्रदाताओं के साथ सार्वजनिक और निजी दोनों स्तरों पर साझेदारी प्रबंधन, परियोजना के हिस्सेदारों हथा बाहरी संसाधन अभिकरणों के साथ संबंधों का समन्वय परियोजना आधारित अध्ययनों, मूल्यांकन तथा शोध कार्यभार का समन्वय कार्यभार की सर्वाधिक रिपोर्टिंग, समीक्षा हथा पर्यवेक्षन। वे परियोजना के परियोजना प्रबंधक के मार्गदर्शन मे काम करेंगे/ गी।

किसी मान्यता-प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान् से जन संपर्क/ विकासमूलक संवाद (डेवलपमेंट कम्युनिकेशन)/ पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिग्री। उन्हें संवाद रणनीति के क्रियान्वयन एवं रूपाकन, परियोजना के ध्येय की सामान्य दृष्टि के निर्माण तथा विकास परियोजना/ कार्यक्रम में नवान्मेषी मीडिया रणनीतियों के उपयोग का न्यूनतम 7 वर्षों का कार्यानुभव होना चाहिए।

12

राज्य परियोजना प्रबंधक - सामाजिक विकास (एसपीएम-एसडी)

राज्य परियोजना प्रबंधक विभिन्न नीतिगत रूपरेखाओं के निर्माण और उनको कार्यक्रम मे शामिल करने के लिए जवाबदेह होंगे। इसके अलावा वे नीतिगत रूपरेखा के अनुरूप क्रियान्वयन दिशानिर्देश भी तैरा करेंगे। वे परियोजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के घनिष्ठ सहयोग में परियोजना दिशानिर्देश में सुधार का प्रयासा करेंगे। और पूरी परियोजना अवधि में परियोजना क्रियान्वयन दिशानिर्देश में सुधार का प्रास करेंगे। रणनीतिक रूप से उनकी तिहरी जवाबदेही होगी जिसमे शामिल हैः विशेषज्ञ के रूप में कार्य, जिला स्तर पर परियोजना प्रबंधन तथा प्ररियोजना के एक या एकाधिक जीविका हस्तक्षेप के नेतृत्व सेवा प्रदाताओं के साथ सार्वजनिक और निजी दोनों स्तरों पर साझेदारी प्रबंधन, परियोजना के हिस्सेदारों हथा बाहरी संसाधन अभिकरणों के साथ संबंधों का समन्वय परियोजना आधारित अध्ययनों, मूल्यांकन तथा शोध कार्यभार का समन्वय कार्यभार की सर्वाधिक रिपोर्टिंग, समीक्षा हथा पर्यवेक्षन। वे परियोजना के परियोजना प्रबंधक के मार्गदर्शन मे काम करेंगे/ गी।

किसी मान्यता-प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान् से प्रबंधन/ ग्रामीण प्रबंधन/ सामाजिक कार्य/ सामह विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री/ डिप्लोमा। उन्हें सामाजिक विकास परियोजना/ कार्यक्रमों, सामाजिक शोध तथा सामुदायिक विकास प्रक्रिया को संभालने में विशेषज्ञता के साथ विकास के क्षेत्र में न्यूनतम 7 वर्षों का कार्यानुभव होना चाहिए।

13

परियोजना प्रबंधक - क्षमता निर्माण

वह परियोजना में क्षमता निर्माण के विशेषज्ञ के रूप में काम करेगा/ गी और परियोजना की जिला तथा प्रखंड इकाई के स्तर पर संस्था/ क्षमता निर्माण के संबंध में प्रदत्त कार्यभार के लिए जवाबदेह होगा/ गी। वह परियोजना मे नीति निर्माण, प्रणालीगत सुधार तथा संवादमूलक गतिविधियों की क्रियान्वयन प्रक्रिया के उन्नयन मे सहयोग के लिए राज्य परियोजना पबंधन इकाई मे क्षेत्रगत अनुभव प्रस्तुत करेगा/ गी। इसके अलाव, वह संस्था/ क्षमता निर्माण के मामले मे जिला तथा प्रखंड इकाइयों को करमद्ध सहयोग प्रदान करेगा/ करेगी। वह राज्य परियोजना प्रबंधक - क्षमता निर्माण के साथ घनिष्ठ सहयोग में काम करेगा/ गी।

किसी मान्यता-प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान से प्रबंधन/ सामाजिक कार्य/ समाज विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री/ डिप्लोमा। उसे सामुदायिक संस्थाओं के सथ काम, तथा सूक्ष्मवित्त और जीविका के क्षेत्र में प्रशिक्षन कार्यक्रमों के निर्मान और संचालन का न्यूनतम 3 वर्षों का अनुभव होना चाहिए।

14

परियोजना प्रबंधक - सूक्ष्मवित्त

वह परियोजना में सूक्ष्मवित्त के विशषज्ञ के रूप में काम करेगा/ गी और परियोजना की जिला तथा प्रखंड इकाइयों के स्तर पर सूक्ष्मवित्त योजना के संबंध में प्रदत्त कार्यभार हेतु जवाबदेह होगा/ गी। वह परियोजना में नीति निर्माण, प्रणालीगत सुधार के उन्न्यन में सहयोग के लिए राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई में क्षेत्रगत अनुभव प्रस्तुत करेगा/ गी। इसके अलावा, वह वित्तीय संस्थाओं के साथ संपर्क, सूक्ष्मवित्त मानकों की स्थापना, सामुदायिक निवेश कोष प्रबंधन तथा सूक्ष्मवित्त पर क्षमता निर्माण के मामले में जिला तथा प्रखंड इकाइयों को ररबद्ध सहयोग प्रदान करेगा/ करेगी। वह राज्य परियोजना प्रबंधक - सूक्ष्मवित्त के साथ घनिष्ठ सहयोग में काम करेगा/ गी।

किसी मान्यता-प्राप्त विश्वविद्याल्य/ संस्थान से प्रबंधन/ ग्रामीण प्रबंधन/ सामाजिक कार्य/ वाणिज्य मे स्नातकोत्तर डिग्री/ डिप्लोमा। उस सामुदायिक संस्थाओं के बीच सूक्ष्मवित्त और जीविका परियोजना में काम करने का न्यूनतम 3 वर्षों का प्रासंगिक अनुभव होना चाहिए।

15

परियोजना प्रबंधक - मानव संसाधन विकास

वह परियोजना में मानव संसाधन विकास के विशेषज्ञ के रूप में काम करेगा/ गी और परियोजना की जिला तथा प्रखंड इकाइयों के स्तर पर मानव संसाधन विकास योजना के संबंध में प्रदत्त कार्यभार के लिए जवाबदेह होगा/ गी। वह परियोजना में नीति निर्माण, प्रणालीगत सुधार तथा मानव संसाधन विकास गतिविधियों की क्रियान्वयन प्रक्रिया के उन्न्यन में सहयोग के लिए राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई में क्षेत्रगत अनुभव प्रस्तुत करेगा/ गी। इसके अलावा, वह मानव संसाधन विकास से संबंधित मुद्दों पर जिला तथा प्रखंड इकाइयों को करबद्ध सहयोग प्रदान करेगा/ गी। वह राज्य परियोजना प्रबंधक - मानव संसाधन विकास के सात घनिष्ठ सहयोग में काम करेगा/गी।

किसी मान्यता-प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान से प्रबंधन/ मानव संसाधन विकास/ ग्रामीण प्रबंधन/ समाज विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री/ डिप्लोमा। उसे विभिन्न स्तरों पर दलों के प्रबंधन एवं निर्माण का न्यूनतम 3 वर्षों का कार्यानुभव होना चाहिए तथा लोगों को पोषित-प्रेरित करने से संबंधित कौशल और अनुभव से संपन्न होना चाहिए।

16

परियोजना प्रबंधक - जीविका

वह परियोजना में जीविकाओं के विशेषज्ञ के रूप में काम करेगा/ गी और परियोजना की जिला तथा प्रखंड इकाई के स्तर पर जीविका योजना के संबंध में प्रदत्त कार्यभार के लिए जवाबदेह होगा/ गी। वह परियोजना में नीति निर्माण, प्रणालीगत सुधार तथा जीविका गतिविधियों की क्रियान्वयन प्रक्रिया के उन्नयन में सहयोग के लिए राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई में क्षेत्रगत अनुभव प्रस्तुत करेगा/ गी। इसके अलावा, वह जीविका से संबंधित मुद्दों पर सहयोग प्रदान करेगा/ गी। वह राज्य परियोजना प्रबंधक - जीविका के साथ घनिष्ठ सहयोग में काम करेगा/ गी।

किसी मान्यता - प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान से प्रबंधन/ ग्रामीण प्रबंधन/ सामाजिक कार्य में स्नातकोत्तर डिग्री/ डिप्लोमा। उसे ग्रामीण जीविका प्रोत्साहन परियोजना के क्रियान्वयन का न्यूनतम 3 वर्षों का अनुभव, जीविकापरक गतिविधियों की मूल्य श्रृंखला के विश्लेषण का कौशल और परियोजनाकर्मियों को प्रशिक्षत करने की क्षमता होनी चाहिए।

17

परियोजना प्रबंधक - मूल्यांकन एवं अनुश्रवण

वह परियोजना में मूल्यांकन एवं अनुश्रवण विशेषज्ञ के रूप में काम करेगा/ गी और परियोजना की जिला तथा प्रखंड इकाइयों के स्तर पर मूल्यांकन एवं अनुश्रवण योजना के संबंध में प्रदत्त कार्यभार के लिए जवाबदेह होगा/ गी। वह परियोजना में नीति निर्माण प्रणालीगत सुधार क्रियान्वयन प्रक्रिया के उन्नयन में सहयोग के लिए राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई में क्षेत्रगत अनुभव प्रस्तुत करेगा/ गी। इसके अलावा, वह मूल्यांकन, अनुश्रवण एवं अदिगम से संबंधित मुद्दों पर जिला तथा प्रखंड इकाइयों को करबद्ध सहयोग प्रदान करेगा/ गी। वह राज्य परियोजना प्रबंधक - मूल्यांकन एवं अनुश्रवण के साथ घनिष्ठ सहयोग में काम करेगा/ गी।

किसी मान्यता-प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान से प्रबंधन/ ग्रामीण प्रबंधन/ समाज विज्ञान/ विकासात्मक अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर डिग्री/ डिप्लोमा। उसे विकास अभिकरणों के साथ मूल्यांकन एवं अनुश्रवण के क्षेत्र में न्यूनतम 3 वर्षों का कार्यानुभव तथा कंप्यूटर आधारित प्रबंधन सूचना प्रणाली के सथ काम की क्षमता होनी चाहिए।

18

परियोजना प्रबंधक - संवाद

वह परियोजना में संवाद विशेषज्ञ के रूप मे काम करेगा/ गी और परियोजना की जिला तथा प्रखंड इकाइयों के स्तर पर संवाद विषयक योजना के संबंध में प्रदत्त कार्यभार हेतु जवाबदेह होगा/ गी। वह परियोजना मे नीति निर्माण प्रणालीगत सुधार तथा संवाद विषयक गतिविधियों की क्रियान्वयन प्रक्रिया के उन्नयन में सहयोग के लिए राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई में क्षेत्रगत अनुभव प्रस्तुत करेगा/ गी। इसके अलावा, वह संवाद से संबंधित मुद्दों पर जिला तथा प्रखंड इकाइयों को करबद्ध सहयोग प्रदान करेगा/ गी। वह राज्य परियोजना प्रबंधक - संवाद के साथ घनिष्ठ सहयोग में काम करेगा/ गी।

जन संपर्क/ विकासमूलक संवाद/ पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिग्री/ डिप्लोमा। उसे विकास संगठन मे समपर्क-संवाद संबंधित कार्य का न्यूनतम 3 वर्षों का कार्यानुभव तथा नवोन्मेषी मीडिया रणनीतियों के उपयोग और प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम हेतु संवाद सामग्री विकसित करने का कौशल होनी चाहिए।

19

परियोजना प्रबंधक - सामाजिक विकास

वह परियोजना में सामाजिक विकास विशेषज्ञ के रूप में काम करेगा/ गी और परियोजना की जिला तथा प्रखंड इकाइयों के स्तर पर सामाजिक विकास योजना के संबंध में प्रदत्त कार्यभार के लिए जवाबदेह होगा/ गी। वह परियोजना में नीति निर्माण, प्रणालीगत सुदार तथा सामाजिक गतिविधियों की क्रियान्वयन प्रक्रिया के उन्नयन में सहयोग के लिए राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई में क्षेत्रगत अनुभव प्रस्तुत करेगा/ गी। इसके अलावा वह सामाजिक विकास से संबंधित मुद्दों पर जिला तथा प्रखंड इकाइयों को करबद्ध सहयोग प्रदान करेगा/ गी। वह राज्य परियोजना प्रबंधक - सामाजिक विकास के साथ घनिष्ठ सहयोग में काम करेगा/ गी।

किसी मान्यता-प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान से प्रबंधन/ ग्रामीण प्रबंधन/ सामाजिक कार्य/ समाज विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री/ डिप्लोमा। उसे महिलाओं पर फोकस वाली ग्रामीण विकास परियोजना में काम का न्यूनतम 3 वर्षों का अनुभव सामाजिक गोलबंदी प्रक्रिया और गरीबों की संस्थाओं को पोषित करने का जमीनी अनुभव होना चाहिए।

20

अधिप्राप्ति (प्रोक्योरमेंट) विशेषज्ञ/ अधिकारी

वह निम्नलिखित गतिविधियों के जरिए सहमति-प्राप्त अधिप्राप्ति का क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगा/ गी। तनीकी विवरण बोली लगाने (बिडिंग) के दस्तावेज, निविदा सूचना तथा बोली हेतु आमंत्रण तैयार करना; बोलियों की समीक्षा करना खोलना एवं मूल्यांकन करना तथा (कंट्रैक्ट) को अंतिम रूप देना; अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए शर्तों के अनुरूप संविदा सुनिश्चित करना;परियोजना के साथ संगतिपूर्ण अधिप्राप्ति योजना को सर्वाधिक रूप से अद्यतन करना; परियोजनाकर्मियों की अधिप्राप्ति क्षमता विकसित करना।

एशिया विकास बैंक, विश्व बैंक हैसे बहुपक्षीय दाता अभिकरणों की अधिप्राप्ति प्रक्रिया के संचालन के न्यूनतम 8 वर्षों के अनुभव वाला चाटर्ड एकाउंटेंट या एम. टेक अथवा अर्थशास्त्र का उत्तर स्नातक। उसमें प्रभावी ढ़ंग से अधिप्राप्ति प्रक्रिया स्थापित करने और चलाने की प्रदर्शित क्षमता होनी चाहिए। उसके लिए कंप्यूटर सॉफ्टवेयर बिहार सरकार की अधिप्राप्ति प्रनाली का ज्ञान अनिवार्य होगा।

21

साहायक अधिप्राप्ति अधिकारी/ अधिप्राप्ति सहायक

वह परियोजना की अधिप्राप्ति संबंधी जरूरतों की पूर्ति हेतु अधिप्राप्ति विशेषज्ञ को सहयोग देने के लिए जवाबदेह होगा।

सरकार, बहुपक्षीय वित्तपोषण अभिकरणों आदि में अधिप्राप्ति प्रक्रिया संभालने के न्यूनतम 3 वर्षों के अनुभव वाला अर्थशास्त्र का उत्तर स्नातक या आइसीडब्ल्यूएआइ (इंटर) या चाटर्ड एकाउंटेंट (इंटर)। प्रासंगिक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का ज्ञान आयश्यक होगा।

22

व्यवस्था विश्लेषक (सिस्टम एनालिस्ट)

बिहार ग्रामीन जीविका परियोजना सोसाइटी की प्रबंधन सूचना प्रणाली (एम आइ एस) का प्रबंधन जिसमें परियोजना अवधि में प्रबंधन जिसमे परियोजना के आंकड़ों का संकलन एवं विश्लेषण, सावधिक आइ एस रिपोर्ट तैयार करना तथा पूरी परियोजना अवधि में प्रबंधन सूचना प्रणाली को कार्यशील बनाए रखने के लिए उसका अनुरक्षण और आवश्यकतानुसार समस्या समाधान शामिल है।

मान्यता-प्राप्त संस्थान् से कम्यूटर अनुप्रयोग में मास्टर डिग्री। विकास कार्य से संबंधित प्रणाली के रूपांकन और विकास का न्यूनतम 3 वर्षों का कार्यानुभव तथा वेब आधारित सूचना प्रनंधन प्रणाली के प्रबंधन की क्षमता। आंकड़ा आधारित प्रबंधन सॉफ्टवेयर में और भी अधिक कार्यनुभव को तरजीह मिलेगी।

23

आंकड़ा प्रबंधक (डाटा एडमिन्स्ट्रेटर)

परियोजना के राज्य, जिला और प्रखंड स्तर के आंकड़ों को कंप्यूटर में डालना और कार्यालय में उसका व्यवस्थित रिकार्ड रखना। उसे राज्य स्तर पर मानव संसाधन, संपर्क-संवाद तथा प्रशासन संबंधी आंकड़े फीड करने और उनका व्यवस्थित रिकार्ड रखने के लिए भी जवाबदेह होना चाहिए।

दो वर्षो के संबंधित अनुभव के साथ कंप्यूटर में स्नातक डिग्री या कंप्यूटर अनुप्रयोग में स्नातकोत्तर डिग्री/ डिप्लोमा। उसे एमएस ऑफिस, डीटीपी संबंधी कार्यों त्था अन्य आंकड़ा प्रबंधन आधारित सॉफ्टवेयर में सुदक्ष होना चाहिए। उसे हिंदी और अंग्रेजी, दोनों में 10-12 हजार के स्टोक प्रति घंटा टंकण मे दक्ष होना चाहिए। अंग्रेजी भाषा की समझ अनिवार्य होगी।

24

डीटीपी ऑपरेटर

मुद्रित माध्यम में विभिन्न प्ररूपों और आकारों में विविध संवाद सामग्रियों का डिजाइन और ले आउट बनाना। डिजाइन को अंतिम रूप देना और मुद्रण हेतु तैयार कलाकृतियां (प्रिंट रेडी आर्टवर्क) तैयार करना; मुद्रण एवं उत्पादन के पर्यवेक्षण में सहयोग करना; संवाद सामग्री प्रदर्शन के प्रबंधन में सहयोग करना;

प्रतिष्ठत कंप्यूटर सम्थान से प्रशिक्षण प्राप्त तथा न्यूनतम दो वर्षों के अनुभव से युक्त स्नातक। फोटो शॉप, पेज मेकर, कोरल ड्रॉ, ड्रीमवीवर, फ्लैश जैसे डिजाइन सॉफ्टवेयर के उपयोज मे निफणहा। अंग्रेगी और हिंदी में मुद्र्ण का अच्छा ज्ञान तथा मुद्रण का ज्ञान अनिवार्य। पूर्वलक्षी ऊर्जावान और चुनौती स्वीकार करने के सकारात्मक दृष्टिकोण से संपन्न।

25

लेखापाल

कार्यालय की लेखा प्रणाली को दुरुस्त रखना, लेखा पंजियों को नियमित रूप से अद्यतन करना तथा जैसा और जिस समय आयश्यक हों, वित्तीय प्रतिवेदन (रिपोर्ट) तैयार करना।

योग्यता प्राप्ति के बाद एक वर्ष के अनुभव वाला वाणिज्य स्नातक। बुनियादी कंप्यूटर अनुप्रयोग और टैली की जानकारी को तरजीह दी जाएगी।

26

डाटा इंट्री ऑपरेटर

क्षेत्र के आंकड़ों का संकलन और उन्हें उपयूक्त प्रणाली में फीड करना, मासिक रिपोर्ट तैयार करना, कार्यालय में अभिलेखन, संवाद तथा अभिलेखों (रिकॉडर्स) को व्यवस्थित करने में सहायता करना।

कंप्यूटर अनुप्रयोग में डिप्लोमा। उसे एमस ऑफिस डीटीपी संबंधी कार्यों तथा अन्य आकड़ां प्रबंधन आधारित सॉफ्टवेयर में सुदक्ष होना चाहिए। उसे हिंदी और अंग्रेजी, दोनों में 10-12 हजार की स्ट्रोक प्रति घंटे टंकण मे दक्ष होना चाहिए। अंग्रेजी भाषा की समझ वांछित होगी।

27

व्यक्तिगत सहायक (पीए) सह स्टेनों

वह मुख्य कार्यकारी अधिकारी के व्यक्तिगत सहायक और स्टेनों के रूप में काम करेगा/ गी।

स्नातक

28

कार्यलय सहायक

वह सभी प्रशासनिक कार्यों सहयोग के लिए जवाबदेह होगा/ गी तथा प्रदत्त अभिलेख पंजियों का अनुरक्षण करेगा/ गी।

स्नातक

29

नाजिर (कैशियर)

वह नगद राशि से संबंधित सभी मामलों/ कार्यों के लिए जवाबदेह होगा/ गी तथा प्रदत्त लेखा पंजियों/ फाइलों का अनुरक्षण करेगा/ गी।

न्यूनतम 3 वर्षों के संबंधित अनुभव के साथ वाणिज्य/ अर्थशास्त्र में स्नातक/ चाटर्ड एकाउंटेंट (इंटर)/ आइसीडब्ल्यूएआइ।

30

रिशेप्शनिस्ट

 

स्नातक

31

ऑफिस ब्वाय

 

न्यूनतम दशम उत्तीर्ण

32

सुरक्षा प्रहरी

सुरक्षा प्रहरी

 

जिला परियोजना समन्वय इकाई में पदस्थतियां -

1

जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी)

जिला परियोजन समन्वयक प्रखंड परियोजना क्रियान्वयन इकाई द्वारा क्रियान्वयन की जाने वाली परियोजना गतिविधियों का समन्वयक स्थापित करने और वित्तिय संस्थानों गैर- सरकारी संगठनों तथा संबंधित जिले में सरकारी विभागों के साथ फलदायी संपर्क सुनिश्चित करने के लिए जबावदेह होगा/गी। वह बैंको के मंच नागरिक समाज के संगठनों तथा सरकरों विगाग के कार्यक्रम हेतु परामर्शदाता समितियों में परियोजनाओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए खुद का प्रस्तुत करेगा/गी। वह प्रखंडों के दलों को कार्यकम तथा प्रशासनिक मामला में करबद्ध सहयोग देने में भी संलिप्त होगा/गी। वहा जिला योजना के अनुभव तथा राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई को रिपोर्ट देने के लिए भी जबावदेह होगा/गी वह प्रखंड स्तरीय दलों को परामर्श देगा/गी और वहां प्रणाली तथा मानव संसाधनों का प्रभावी कामकाज का प्रभावी कामकाज सुनिश्चित करेगा/गी।

किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से प्रबंधन/ ग्रामीण प्रबंधन/ सामाजिक कार्य/ कृषि/ मात्यिकी में स्नातकोत्तर डिग्री/ डिप्लोमा। ग्रामीण विकास जीविका परियोजनाओं के क्षेत्र में न्यूनतम 3 वर्षों का अनुभव। सेवा प्रदाता संगठनों के साथ साझेदारी के प्रबंधन की क्षमता। एमएस ऑफिस के वातारण में काम करने का कौशल आवश्यक है।

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जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी)

जिला प्रशिक्षण समन्वयक जिला स्तरीय प्रशिक्षण कोषांग का नेता होगा। कोषांग प्रखंड स्तरीय दलों के सदस्यों के लिए प्रशिक्षण का रूपांकन करने, कार्यरूप देने तथा अनुभव करने के लिए जवाबदेह होगा। प्रशिक्षण कोषांग के नेता के रूप में वह निम्नलिखित के लिए जवाबदेह होगा। प्रखंड स्तरीय दलों की प्रशिक्षण संबंधी जरूरतों की पहचान करना; राज्य प्रशिक्षण कोषांग के परामर्श मॉड्यूल तैयार करना; प्रखंड स्तरीय दलों के लिए वार्षिक प्रशिक्षण कैलंडर तैयार करन, प्रखंडकर्मियों के लिए सारे प्रशिक्षण आयोजनों की देखरेख करना; प्रशिक्षण कार्यों का समय पर तथा गुणवत्तापूर्ण अभिलेखन सुनिश्चित करना।

किसी मान्यता - प्राप्त विश्व्विद्दालयों या संस्थान से समाजशात्र में स्नोकोत्तर डिग्री/ ग्रामीण विकास/ कृषि समाजिक कार्य में डिप्लोमा। उसे समुदायों में कार्यरत मानव संसाधन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम की संकल्पना करने और कार्यरूप देने के न्यूनतम 3 वर्षों के अनुभव वाला और संपर्क-संवाद में निफल व्यक्ति होना चाहिए। एमएस ऑफिस के वातावरण में काम करने का कौशल आवशयक है।

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जिला प्रशिक्षण अधिकारी (डीटीओ)

जिला प्रशिक्षण अधिकारी जिला प्रशिक्षण कोषांग के अंग होंगे। उनके मुख्य उत्तरदायित्व निमनलिखित होंगे-
प्रखंड स्तरीय दलों के सदस्यों को प्रशिक्षण देना सामुदायिक संस्थानों के लिए प्रशिक्षण की योजना बनाने और अपना कैलेंडर तैयार करने में प्रखंड स्तरीय मदद करना, प्रशिक्षण देने के लिहाज से विषयवस्तुओं तथा प्रविधि को समझने में प्रखंड स्तरीय दलों को करबद्ध सहयोग प्रदान करना, प्रखंड स्तरीय दलों द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अनुश्रवण करना और गुणवत्ता का मूल्य निरूपण करना, जिला प्रशिक्षण कोषांग में तीन प्रशिक्षण अधिकारी होंगे जिनकी विशेष्यता सामाजिक विकास संस्था निर्माण और सूक्षमक्ति संबंधी प्रशिक्षण देना होगा।

किसी मान्यता- प्राप्त विश्वविद्दालय या संस्थान से समाजशास्त्र में स्नोकोत्तर डिग्री/ ग्रामीण विकास / कृषि/ समाजिक कार्य में डिप्लोमा। उसे क्षेत्रकर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने का न्यूनत्तम 2 वर्षों का अनुभव होना चाहिए। उसके पास उत्कृष्ट संवाद कौशल होना चाहिए (हिंदी और स्थानीय भाषा/ बोली में) उसके पास सहभागी प्रशिक्षण प्रविधि की समझ तथा समझ विकसित करने के लिहाज से दलों को सहयोग देने का कौशल होना चाहिए। एमएस ऑफिस के वतावरण में काम करने क कौशल आवयश्क हैं।

प्रखंड परियोजना क्रियान्वयन इकाई में पदस्थितियां-

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प्रखंड परियोजना प्रबंधक (बीपीएम)

प्रखंड परियोजना प्रबंधंन प्रखंड स्तर पर परियोजना क्रियान्वयन के नेतृत्वकारी होंगे। उनके मुख्य उत्तरदायित्व निम्नलिखित होंगेः प्रखंड स्तर पर सारे परियोजना हस्तक्षेपों का संचालन करना; प्रखंड स्तरीय संघों का अनुश्रवण करना, प्रखंड स्तर पर कर्मचारियों को परामर्श देना, प्रखंड स्तरीय अधिकारीयों - कर्मचारियों तथा सरकारी विभागों वित्तिय संस्थानों और नागरिक समाज के संगठनों के साथ संपर्क रखना, पखंड कार्यालय के प्रबंधन की देखरेख करना, प्रखंड स्तरीय परियोजना गतिविधियों की रिपोर्टिंग तथा अनुश्रवण करना।

समाज विज्ञान कृषि या व्यापार प्रबंधन में उत्तर स्नातक। उसे योग्यता प्राप्ति के बाद न्यूनतम 2 वर्षों का अनुभव होना चाहिए - सामाजिक विकासमूलक गतिविधियों// स्वयं के सहायता समूह में हो तो बेहतर। उसमें एमएस ऑफिस के वातावरण में काम करने की भी क्षमता होनी चाहिए।

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क्षेत्रिय समन्वयक (एसी)

क्षेत्रिय समन्वयक निम्नलिखित के लिए 35 गांवों तक के संकुल (क्लस्टर) का प्रधान होगा ग्राम संगठनों का निर्माण एंव सुढृढीकरण ग्राम संगठनों के सदस्यों का प्रशिक्षण परियोजना से ग्राम संगठनों तथा स्वंय सहायता समूहों के लिए प्रवाह का अनुश्रवन बैंको से संपर्क की प्रक्रिया में सहयोग स्वंय सहयता समूहों की रेटिगं करना और उनका अंकेक्षण।

समाज विज्ञान कृषि या व्यापार प्रबंधन में उत्तर स्नातक। उसे योग्यता प्राप्ति के बाद न्यूनतम 2 वर्षों का अनुभव होना चाहिए - सामाजिक विकासमूलक गतिविधियों// स्वयं के सहायता समूह में हो तो बेहतर। अथवा ग्रामीण विकास, सामाजिक कार्य, कृषि आदि का ताजातरीन उत्तर स्नातक।
ताजाजरीन स्नातक (फरुष) या इंटरमीडियट (महिला)। स्वयं सहायता समूहों के साथ काम के पूर्वानुभव ओ तरजीह दी जाएगी।

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लेखापाल

कार्यालय की लेखा प्रणाली को दुरूस्त रखना लेखा पंजिया को नियमित रूप से अद्यतन करते रहना, तथा जब और जैसी जरूरत हो, वित्तिय प्रतिवेदन तैयार करना।

योग्यता प्राप्ति के बाद एक वर्ष के कार्यनुभव वाला स्नातक । बुनियादी कंप्यूटर अनुप्रयोग तथा टैली के ज्ञान को तरजीह दी जाएगी।

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डाटा इट्री ऑपरेटर

क्षेत्र के आकड़ो का संकलन करना और उन्हें उपयुक्त प्रणाली में फीड करना; मासिक रिपोर्ट बनाना; कर्यालय के अभिलेखन, संवाद तथा अभिलेख सहायता देना।

कंप्यूटर अनुप्रयोग में डिप्लोमा। उसे एमएस ऑफिस डीटीपी संबंधी कार्यों तथा अन्य आकड़ा प्रबंधन आधारित सोफ्टवेयर में सुदक्ष होना चाहिए। उसे हिन्दी और अंग्रेजी दोनो में 10 - 12 हजार की स्ट्राक प्रति घंटे टकण में दक्ष होना चाहिए। अंग्रेजी भाषा की समझ वांछित होगी।

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ऑफिस ब्वाय/ प्रहरी सह चपरासी

 

न्यूत्तम (दशम उत्तिर्ण)

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